हरियाणा के पानीपत में एक 24 वर्षीय प्रवासी मज़दूर फिरदौस आलम उर्फ असजद बाबू की 24 मई को एक जानलेवा हमले में मौत हो गई. घटना एक धार्मिक टोपी को लेकर हुए विवाद के बाद हुई, जो बाद में हिंसक हो गया.
हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.
मृतक फिरदौस, बिहार के किशनगंज ज़िले का रहने वाला था और पानीपत की एक फैक्ट्री में दर्ज़ी का काम करता था. फिरदौस के भाई असद ने बताया कि फिरदौस हाल ही में शादी करके ससुराल से अपने दोस्त शहनवाज़ के साथ लौट रहे थे. रात करीब 8 बजे, सेक्टर 29 के फ्लोरा चौक के पास उनकी मुलाक़ात एक दुकानदार शिशु लाल उर्फ नरेंद्र से हुई, जो वहां किराना दुकान चलाता है.